कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर में सात महीने की गर्भवती 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी युवती के संपर्क में थे और कथित तौर पर उसके प्रेमी बताए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले युवती का शव गांव के बाहर एक आम के बाग में मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और साक्ष्य जुटाए।
मृतका के पिता की तहरीर पर घाटमपुर पुलिस ने पतारा निवासी अरविंद उर्फ गोला पांडेय और फतेहपुर जिले के नरैनी निवासी प्रांजुल पाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम में सात महीने की गर्भावस्था की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के सात महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने दुष्कर्म की आशंका के चलते स्लाइड तैयार कर जांच के लिए सुरक्षित रखी है। इसके साथ ही गर्भस्थ शिशु का डीएनए नमूना भी सुरक्षित किया गया है।
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभी युवती की मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मेडिकल और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच में सभी संभावित पहलुओं को शामिल किया गया है।
ननिहाल आने-जाने के दौरान प्रांजुल से हुई थी मुलाकात
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत के मुताबिक, पूछताछ में प्रांजुल पाल ने युवती से करीब चार साल से संपर्क में होने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, प्रांजुल की मां की मौसी का घर घाटमपुर क्षेत्र के हिरनी गांव में है और वह वहां अक्सर आता-जाता था। इसी दौरान उसकी युवती से मुलाकात हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, प्रांजुल ने पूछताछ में बताया कि युवती उससे इलाज के नाम पर कई बार पैसे लेती थी। हालांकि पुलिस उसके बयानों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है और घटना में उसकी वास्तविक भूमिका का साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
अरविंद के खेत में काम के दौरान हुई थी युवती से पहचान
दूसरे आरोपी अरविंद उर्फ गोला पांडेय ने पुलिस को बताया कि वह युवती के पिता को अपना खेत बटाई पर देता था। खेत में काम के दौरान उसकी युवती से पहचान हुई और बाद में दोनों के बीच बातचीत होने लगी। पुलिस के अनुसार, अरविंद ने युवती की आर्थिक मदद करने और उसे स्कूटी दिलाने की बात भी स्वीकार की है।
पूछताछ में अरविंद ने यह भी बताया कि युवती ने उसे अपनी सात महीने की गर्भावस्था के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद वह उसे इलाज के लिए कानपुर के एक अस्पताल लेकर गया था। आरोप है कि वहां उसने खुद को युवती का पिता बताकर उसका इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी स्थिति देखने के बाद इलाज करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद अरविंद युवती को एंबुलेंस से गांव के किनारे तक लेकर आया था।
शव मिलने की जानकारी के बाद डरकर भागने का दावा
अरविंद के मुताबिक, गांव के पास पहुंचने के बाद उसने युवती से घर जाने के लिए कहा और खुद वापस लौट गया। अगले दिन उसे युवती का शव मिलने की जानकारी हुई तो वह डर गया और वहां से चला गया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे आम के बाग तक कौन लेकर गया था।
पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए जांच और दोनों आरोपियों के बयानों को मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
हत्या का मुकदमा दर्ज, मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि युवती के पिता की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, जांच अभी जारी है और मेडिकल तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद युवती की मौत की वजह और घटना के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
